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Sunday, 12 August 2012

एक ख़याल ! ........... Ek Khayaal !

ना  चाहूँ  मेरे  जाने  के  बाद ,  कोई   मुझे   याद   करे ,
ना बातों  में  मेरी  कोई  ,  वक़्त  अपना   बरबाद  करे ,


फिर  भी  चाहे  कोई   देना मुझे , मेरे जीने  का  सिला ,
तो  दोस्तों  से  अपने  वो  बस ,  मुस्कुरा  के बात  करे !

Female Foeticide - कन्या भ्रूण हत्या

कलियाँ जो तोड़ी तुमने तो,
फूल कहाँ से लाओगे ?
बेटी की हत्या करके तुम,
बहु कहाँ से लाओगे ?
कलियों को खिल जाने दो,
मीठी ख़ुशबू फ़ैलाने दो.
बंद करो उनकी हत्या ..

Hindi poems - बेटी

आँगन की तुलसी है बेटी,
पूजा की कलसी है बेटी.
सृष्टि है, शक्ति है बेटी,
दृष्टि है, भक्ति है बेटी.
श्रद्धा है, विश्वास है ..

एक रात

अधियारे जीवननभ में
बिजुरी
चमक गयी तुम!
सावन झूला झूला जब
बा
हों में रमक गयीं तुम!
कजली बाहर गूंजी जब
श्रुतिस्वर
सी गमक गयीं तुम!
महकी गंध त्रियामा जब
पायल
झमक गयीं तुम !
तुलसी चौरे पर आकर
अलबेली छमक गयीं तुम!
सूने घर आगन में आ
दीपक
सी दमक गयीं तुम!