अधियारे
जीवननभ में
बिजुरी चमक गयी तुम!
बिजुरी चमक गयी तुम!
सावन झूला झूला जब
बाहों में रमक गयीं तुम!
बाहों में रमक गयीं तुम!
कजली बाहर गूंजी
जब
श्रुतिस्वर सी गमक गयीं तुम!
श्रुतिस्वर सी गमक गयीं तुम!
महकी गंध त्रियामा जब
पायल झमक गयीं तुम !
पायल झमक गयीं तुम !
तुलसी
चौरे पर आकर
अलबेली छमक गयीं तुम!
अलबेली छमक गयीं तुम!
सूने घर आगन
में आ
दीपक सी दमक गयीं तुम!
दीपक सी दमक गयीं तुम!
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